[Top] Love Shayari For GF | Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend

0

Love Shayari for GF: अब आपका दिल किसी लड़की पर आ गया तो क्या कर सकते हैं आ गया तो आ गया दिल का कुछ नहीं कर सकते हैं। आजकल लडको का गर्लफ्रेंड का होना आम सा हो गया है लेकिन true love का मिलना आसन नहीं है। अगर आपको लगता है आपकी गर्लफ्रेंड आपसे true love करती है तो हम आपके लिए true love shayari in hindi for girlfriend के लिए लेकर आये हैं। आप Love Shayari for GFको अपनी गर्लफ्रेंड के साथ शेयर कर सकते हैं और अपने प्यार को और बड़ा सकते हैं।
Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend
Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend
आजकल काफी लोग है जो की गूगल पर लव शायरी इन हिंदी search करते रहते हैं लेकिन आपको यहाँ पर कुछ बहुत बेहतरीन Shayari मिलने वाली हैं जिन्हें आप अपनी गर्लफ्रेंड की खूबसूरती की Shayari मिलेंगी। यहाँ पर आपको Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend के लिए मिलेंगी जो उसके दिल पर जाकर लगेगी।

Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend

किसी लड़की से दिल लगाना तो आसन है लेकिन उसके दिल में अपने लिए जगह बनाना आसान नहीं है बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं तब जाकर आप अपनी गर्लफ्रेंड का दिल पते हैं अगर आप भी अपनी गर्लफ्रेंड का दिल love Shayari के माद्यम से जीतना चाहते हो तो आप उन्हें हमारी Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend के लिए शेयर कर सकते हैं।
सच्ची मुहब्बत हर कोई चाहता है लेकिन आजकल के प्यार को देखते हैं तो बहुत बुरा लगता है पर अभी भी बहुत से सच्चा प्यार करने बाले है जो किसी लड़की का फायदा उतने के लिए उससे प्यार नहीं करते हैं अभी भी बहुत से प्यार करने बाले हैं जो लड़की की सक्ल से नहीं उसकी सीरत से प्यार करते हैं। ऐसे सच्चे आशिक के लिए हम true love shayari in hindi for girlfriend लेकर आये हैं जिन्हें पढ़कर आप अपनी प्रेमिका के साथ शेयर कर सकते हैं। आप हमारी इन शायरी को अपनी wife के साथ भी शेयर कर सकते हैं।

True Love Shayari In Hindi For Girlfriend

*आँखों*
मेरी *आँखों* को रिहाई दे
मुझे हर जगह न दिखाई दे...!!

*चाहत*
जरुरी तो नही हर *चाहत* का मतलब इश्क हो,
कभी कभी अनजान रिश्तो के लिए भी, दिल बैचेन हो जाता है.

*खुद को*
खर्च कर दिया है *खुद को* पूरा तुम पर,
और तुम अब भी कहते हो की हिसाब अधूरा है।

*बस एक नजर*
मैंने तो देखा था *बस एक नजर* के खातिर,
क्या खबर थी की रग रग में समां जाओगे तुम..

*दुनिया*
वैसे *दुनिया* में आते है सभी मरने के लिए
पर असल मौत उसकी है जिसका अफ़सोस ज़माना करे

*इंसान*
*इंसान* यूं ही नहीं मतलबी कहा जाता है
उसे अपने सुख से ज़यादा दूसरे के दुःख में मज़ा आता है

*हिसाब*
मुद्द्ते गुज़र गयी *हिसाब* नहीं किया
न जाने अब किसके कितने रह गए है हम

*किस्मत*
मेरी तो खुद की *किस्मत* साथ नहीं देती
तुम तो “खैर ” तुम हो

*पतझड़*
*पतझड़* में सिर्फ पत्ते गिरते है
नज़रो से गिरने का कोई मौसम नहीं होता

*संस्कार*
लिहाज़ नहीं रखते हम *संस्कारो* का
लहजा बदल जाये अगर बात करने वालो का

*जुदाई*
उसको दुःख ही नहीं *जुदाई* का
बस ये दुःख ही खा गया मुझको

*हालात*
*हालात* दिखा देते है बातें सुनना और सहना
वरना हर शख्स अपने आप में बादशाह होता है

*हमेशा तुझे*
मै ही मनाऊ *हमेशा तुझे* कभी तू भी तो मना मुझे
महसूस तो करू कैसा लगता है जब यार अपना मनाता है

*वक़्त*
मुझे तो तोफे में अपनों का *वक़्त* पसंद है
मगर आज कल इतने महंगे तोफे देता कौन है

*इज़्ज़त*
लोगो को हद से जयादा *इज़्ज़त* और भरोसा दोगे
वो उठाकर आपके मुँह पर बेइज़्ज़ती और धोखा ही मरेगा

*मोहब्बत*
उसने ये सोचकर मुझे अलविदा कह दिया
की गरीब है *मोहब्बत* के सिवा क्या देगा

*पाबंदिया*
*पाबंदिया* जब भी लगी इंसानो पर
बेजुबानों को बहुत सुकून मिला

*दर्द*
*दर्द* को छोड़ कर हार में तू राज़ी है
भूल रहा तेरे हाथो में अभी बाज़ी है

*किस्सा*
सुनाऊ क्या? *किस्सा* थोड़ा अजीब है जिसने
खंज़र मारा है वही दिल के करीब है

*ख़ुदखुशी*
टेंशन कहती है *ख़ुदखुशी* करले
मगर दिल कहता है माँ बहुत रोएगी यार

*वफ़ा*
मोहब्बत और *वफ़ा* गयी तेल लेने
पहले ये बताओ की कश्ती वहां कैसे डूबी
जहां पानी कम था

*अमानत*
खुद को किसी की *अमानत* समझकर
हर वक़्त वफ़ादार रहना भी इश्क़ है

*दरार*
यहाँ हर किसी को *दरारों* में झाँकने की आदत है
दरवाज़े खोल दो कोई पूछने तक नहीं आएगा

*बेबफाई*
जो साथ रहकर भी साथ न हो
वो दूर ही रहे तो अच्छा है

*फुरसत*
*फुरसत* में याद करना हो तो मत करना
हम अकेले जरूर है मगर फ़िज़ूल नहीं

*परिंदे*
जब अपने ही *परिंदे* किसी और के दाने के
आदि हो जाये तो इन्हे आज़ाद कर देना चाहिए

*काश कोई*
*काश कोई* हमें भी ऐसा चाहे
जैसे कोई तकलीफ में सुकून चाहता है

*इश्क़ की*
*इश्क़ की* अब आखरी नसल है हम
अगली पीड़ी को बस जिस्मों की ज़रूरत होगी

*जवाब*
पलट कर *जवाब* देना
बेशक गलत बात है
लेकिन सुनते रहो तो लोग
बोलने की हदें भूल जाते है

*तिनका सा*
*तिनका सा* मै और
समुंदर सा इश्क़
डूबने का डर और
डूबना ही इश्क़

*दौलत*
सोचता था दर्द की *दौलत* से एक मै ही मालामाल हूँ
देखा जो गौर से तो हर कोई रईस निकला
न इलाज है न दवाई है
*ऐ इश्क़*
तेरे टक्कर की बला आई है

*अकेलापन*
अब मुझे रास आगया है *अकेलापन*
अब आप अपने वक़्त का अचार डाल दीजिये

*बचपन*
वो सफर *बचपन* के अब तक याद आते है मुझे
सुबह जाना हो तो कहीं तो रात भर सोते न थे

*मशवरा*
*मशवरा* तो खूब देते हो की खुश रहा करो
कभी खुश रहने की वजह भी दे दिया करो

*कोई गम*
मुझे किसी के बदल जाने का *कोई गम* नहीं
बस कोई था जिससे ये उम्मीद नहीं थी

*आसान है*
लोग कहते है भूल जाओ उसे
कितना *आसान है* न मशवरा देना

*गरीब*
मै *गरीब* हूँ साहब मुझे किसी का खौफ नहीं है
बाहर जाऊँगा तो बिमारी मार देगी अंदर रहूँगा तो भूख

*बिछड़ते*
*बिछड़ते* वक़्त मेरे सारे ऐब गिनाये उसने
सोचता हूँ जब मिला था तब कोनसा हुनर था मुझमे

*मुलाकात*
कभी कभी की *मुलाकात* अच्छी है
कदर खो देता है हर रोज़ का आना जाना

*तुम बदले*
*तुम बदले* तो हम भी कहाँ पुराने से रहे
तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे

*बेवफा*
अगर *बेवफाओं* के सर पर सींग होते
तो मेरी वाली आज बारहसींगा होती

*समझेगा*
नासमझ है वो अभी मेरी बात नहीं *समझेगा*
मेरी जगह नहीं है न मेरे हालात नहीं समझेगा

*धड़कने*
सभी के नाम पर नहीं रूकती *धड़कने*
दिलो के भी कुछ उसूल हुआ करते है

*दिल*
यह *दिल* भी उसी पर मरता है ,
जो हमारी कदर नहीं करता।

*इम्पोरैन्स*
जितनी ज्यादा *इम्पोरैन्स* दोगे ,
उतनी ज्यादा इग्नोरेंस मिलेगी।

*खयालो*
मेरे *खयालो* पर न लगाओ इतनी पहर सनम ,
दिल में मेरी तम्मन्ना के सिवा कुछ भी नहीं।

*आँख*
बात *आँखों* की सुनो दिल में उतर जाती है,
जुबान का क्या है ये तो अक्सर मुकर जाती है.

*इंतजार*
बस थोड़ा सा *इंतजार* कर लो,
मोहब्बत भी मिलेगी,
और मोहब्ब्त करने वाली भी।

 *मज़बूरी*
*मज़बूरी* उसकी थी और,
अकेली मै रह गयी।

*मोहब्बत*
*मोहब्बत* क्या है समझो तो एहसास ,
देखो तो रिश्ता ,कहो तो लफ्ज , चाहो तो जिंदगी,
करो तो इबादत ,निभाओ तो वादा ,
और मिल जाये तो जन्नत।

*कमजोरी*
उन्हें चाहना हमारी *कमजोरी* है,
उनसे कह नही पाना हमारी मजबूरी है,
वो क्यूँ नही समझते हमारी खामोशी को,
क्या प्यार का इज़हार करना जरूरी है

*नज़र*
*नज़र* मुझसे मिलाती हो तो तुम शरमा-सी जाती हो,
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं,
जबाँ ख़ामोश है लेकिन निग़ाहें बात करती हैं,
अदाएँ लाख भी रोको अदाएँ बात करती हैं,
नज़र नीची किए दाँतों में दुपट्टे को दबाती हो,
इसी को प्यार कहते हैं, इसी को प्यार कहते हैं.

*घायल*
*घायल* कर के मुझे उसने पूछा,
करोगे क्या फिर मोहब्बत मुझसे,
लहू-लहू था दिल मेरा मगर होंठों ने कहा बेइंतहा-बेइंतहा।

*खड़े-खड़े*
*खड़े-खड़े* साहिल पर हमने शाम कर दी,
अपना दिल और दुनिया आप के नाम कर दी,
ये भी न सोचा कैसे गुज़रेगी ज़िंदगी,
बिना सोचे-समझे हर ख़ुशी आपके नाम कर दी।

*जुफ्त्जू*
नहीं है अब कोई *जुफ्त्जू* इस दिल में ए सनम,
मेरी पहली और आखिरी आरज़ू बस तुम हो।

*मोहब्बत*
उनकी *मोहब्बत* का अभी निशान बाकी हैं,
नाम लब पर हैं मगर जान अभी बाकी हैं,
क्या हुआ अगर देख कर मूंह फेर लेते हैं वो..
तसल्ली हैं कि अभी तक शक्ल कि पहचान बाकी हैं! 

Conclusion

अगर आप भी किसी लड़की के प्यार में और उसे ख़ुश करना चाहते है तो Shayari एक बहुत ही अच्छा जरिया होता है अपने प्यार को जताने का और इस प्यार को जताने में हमारी ऊपर दी हुई Love Shayari for GF ने मदद की होगी।
हमें आशा है की आपको हमारी love Shayari जरुर पसंद आई होगी। अगर आपको हमारी [Top] Love Shayari For GF | Heart Touching Love Shayari In Hindi For Girlfriend पसंद आई है तो आप इन्हें अपनी गर्लफ्रेंड के साथ जरुर शेयर करें।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !